कसमें
वादे
तिरंगे
में लिपटे
खून
के धारे
शहीदों
का सपना
ये
आज़ाद वतन |(1)
सीने
पे गोली
वतन
की खातिर
माटी
हो गये
आज़ाद
वतन की
चोला
बना तिरंगा |(2)
-सुशील
सरना
भरो
अंगार
सुन
धरा पुकार
नर
औ नार
देशप्रेम
सर्वोच्च
करों
यही श्रृंगार |(1)
हुआ
शहीद
है
उजड़ा सिन्दूर
कोटि
नमन
देश
हित संकल्प
तिलक
पुत्र-माथ |(2)
-सीमा
राजेंद्र अग्रवाल


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