Wednesday, 13 August 2014

तांका प्रतियोगिता में पुरस्कृत रचनाएं

कसमें वादे
तिरंगे में लिपटे
खून के धारे
शहीदों का सपना
ये आज़ाद वतन |(1)

सीने पे गोली
वतन की खातिर
माटी हो गये
आज़ाद वतन की
चोला बना तिरंगा |(2)

-सुशील सरना



भरो अंगार
सुन धरा पुकार
नर औ नार
देशप्रेम सर्वोच्च
करों यही श्रृंगार |(1)

हुआ शहीद
है उजड़ा सिन्दूर
कोटि नमन
देश हित संकल्प
तिलक पुत्र-माथ |(2)

-सीमा राजेंद्र अग्रवाल

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