"मुक्तक दिवस - 116" विनोद राजपूत जी का पुरस्कृत मुक्तक
जीव जगत में हर प्राणी की अपनी अलग कहानी है।
सबका निश्चित कर्म जमीं पर होती अलग निशानी है।
करते सब संघर्ष जहाँ में जीवन यापन करने को,
छोटा हो या बड़ा जगत में सबका दाना पानी है।
-विनोद राजपूत साँवरिया
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