"शुभमस्तु---दिल से कलम तक" ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है | "नवोदित साहित्यकार मंच" (फेसबुक पर संचालित) द्वारा निर्मित इस ब्लॉग का मुख्य उद्देश्य मंच पर सक्रीय साहित्य के क्षेत्र से जुड़े युवा रचनाकारों की श्रेष्ठ रचनाओं का संकलन कर उन्हें देश-विदेश के पाठकों तक पहुंचाना तथा रचनाकारों को बेहतर सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है |
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शुभमस्तु !
Tuesday, 3 November 2015
"मुक्तक दिवस - 123" राम आशीष यादव जी का पुरस्कृत मुक्तक
पेट तब तक ही भरेगा जब तलक खेती रहेगी | चाहे कितना भी बदल लो देह ये मिट्टी रहेगी | तब तलक ही है सलामत प्यार की खुशबू जहाँ में, सबके दिल में और नज़र में शीर्ष पर बेटी रहेगी | -डॉ राम आशीष यादव.
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